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इस महीने से एक लीटर पेट्रोल के लिए चुकाने होंगे 100 रुपए!

नई दिल्ली। इंटरनेशनल मार्केट क्रूड ऑयल की कीमत में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। डब्ल्यूटीआई एक साल बाद 50 डॉलर प्रति बैरल के पार हुआ है। वहीं ब्रेंट 54 से 55 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रहा है। जिसकी वजह से भारतीय वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 3700 रुपए प्रति बैरल पर आ गई है। जानकारों का कहना है कि आने वाले 6 महीने क्रूड ऑयल के काफी अहम है। इस दौरान क्रूड ऑयल की कीमत में 10 से 15 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा होने का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो टैक्स में कटौती ना होने से देश में पेट्रोल 100 रुपए तक पहुंच सकता है और डीजल कीमत 90 रुपए प्रति लीटर के पार जा सकती है।

6 महीने का है समय
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम काफी कम हो गए थे। जैसे-जैसे इकोनॉमी खुली है, वैसे-वैसे क्रूड ऑयल का कंजपशन बढ़ा है। जिसकी वजह से बीते कुछ महीनों से क्रूड ऑयल की कीमत में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इकोनॉमी और खुलेगी। वैक्सीन भी आ रही है। जिसके बाद क्रूड ऑयल के दाम 6 महीने में 65 से 70 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 60 से 65 डॉलर तक पहुंचने के आसार है।

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टैक्स का भी है असर
केडिया इससे आगे बढ़ते हुए कहते हैं कि पिछले डेढ़ साल में ऑयल कंपनियों और सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को बैलेंस करके रखा है। लोगों को पेट्रोल 90 रुपए में खरीदने की आदत पड़ गई है। वहीं केंद्र अगर अपने टैक्स में कमी कर भी दे तो भी पेट्रोल डीजल की कीमत में कोई असर नहीं देखने को मिलेगा। वहीं राज्य सरकारें अपने टैक्स को कम करने का जोखिम इसलिए नहीं उठाएंगी क्योंकि कोविड काल में उन्हें रेवेन्यू का काफी लॉस हुआ है। जिसकी भारपाई लंबे समय तक रहेगी। जिसकी वजह से क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी के कारण पेट्रोल के दाम धीरे-धीरे ही सही 6 महीने में 100 रुपए तक आराम से पहुंच जाएंगे।

क्रूड 100 डॉलर पर क्यों नहीं बढ़े थे दाम
2011 के आसपास क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा पहुंच गए थे। उस समय पेट्रोल के दाम 50 रुपए के आसपास थे। तब दाम में इजाफा क्यों नहीं हुआ। इस सवाल का जवाब देते हुए एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (कमोडिटी एंड रिसर्च) अनुज गुप्ता कहते हैं कि उस दौर में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स काफी कम थे। उस समय ये अब तक टैक्स में दोगुने का अंतर आ चुका है। जिसकी वजह से क्रूड ऑयल की कीमत में थोड़ा फर्क आने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा देखने को मिल जाता है।

पेट्रोल और डीजल पर सरकार कितना लेती है टैक्स
उदहरण के तौर पर दिल्ली को देखें तो पेट्रोल पर केंद्र सरकार एक्ससाइज ड्यूटी 32.98 रुपए प्रति लीटर लेती है। वहीं राज्य सरकार के द्वारा वैक्ट 19.32 रुपए लिया जाता है। किराया 0.37 रुपए प्रति लीटर, डीलर कमीशन 3.67 रुपए प्रति लीटर होती है। अगर इन तीनों को जोड़ दिया जाए तो 55.97 रुपए दिल्ली वाले टैक्स चुकाते हैं। ऐसा ही कुछ हाल डीजल का भी है। एक्साइज ड्यूटी 31.83 रुपए, वैट 10.85 रुपए और डीलर कमीशन 2.53 रुपए प्रति लीटर है। यानी दिल्ली के लोगों 45.21 रुपए प्रति लीटर टैक्स और कमीशन चुकाना पड़ता है।



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